Wednesday, 4 November 2020

Madam query wiki


मैडम क्युरी जन्म 7 नवम्बर 1867 को पोलैड के वारसा शहर में हुआ था। वो रूस की रहने वाली थी, प्रसिद्ध भौतिकशास्त्री और रसायनशास्त्री थी। मैडम क्युरी “रेडियम” की खोज के लिए प्रसिद्ध है। मैडम क्युरी को “मैरी क्युरी” के नाम से भी जानते है।

विज्ञान की दोनों शाखाओं- भौतिकी विज्ञान और रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली वो पहली महिला है। उन्होंने अथक प्रयास से रेडियम सक्रीय पदार्थ का खोज किया।

21 दिसंबर 1898 का दिन विज्ञान जगत के लिए बेहद अहम साबित हुआ. खोज हुई एक ऐसे तत्व की जिसने अंधेरे में उजाला फैलाने के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में कई बदलाव लाए.

21 दिसंबर को 1898 में मैरी क्यूरी और उनके पति पियर ने रेडियम की खोज की. खनिज का अध्ययन करते हुए जब उन्होंने उससे यूरेनियम अलग कर दिया तो पाया कि बाकी बचे हिस्से में अभी भी कोई रेडियोधर्मी तत्व बाकी था. उन्होंने इस तत्व को रेडियम नाम दिया.


19 अप्रैल 1906 को उनके पति पियरे क्युरी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी। मैडम क्युरी की दोनों बेटियों को नोबेल पुरस्कार मिला। बड़ी बेटी आईरीन को 1935 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार मिला और छोटी बेटी ईव को 1965 में शांति के लिए नॉबेल पुरस्कार दिया गया।

1910 में क्यूरी और आंद्रे लुईस डेबिएर्न ने विद्युत अपघटन की प्रक्रिया द्वारा रेडियम को शुद्ध धातु के रूप में अलग किया. 4 फरवरी 1936 को अमेरिका में पहली बार कृत्रिम रेडियम बनाया गया, यह रेडियम ई कहलाया. यह प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से तैयार किया जाने वाला पहला रेडियोधर्मी तत्व था.

रेडियम की चमकीली प्रकृति के कारण इसका इस्तेमाल शुरू में पेंट, कपड़ों, घड़ी की सूइयों इत्यादि में हुआ. इसके अलावा कई चिकित्सीय कारणों से उसका इस्तेमाल दंतमंजन, बालों की क्रीम और कई दूसरी दवाइयों के अलावा कैंसर के इलाज के लिए भी हुआ.

लेकिन 1940 तक आते आते इसकी रेडियोधर्मी प्रवृत्ति की वजह से विकिरण के नुकसान सामने आए और इसके पेंट, कपड़ों या दवाइयों इत्यादि में इस्तेमाल पर कई देशों में पाबंदी लगा दी गई.

क्युरी को अमेरिका में बहुत सम्मान मिला। वहां के राष्ट्रपति ने कहा की रेडियम जैसे कीमती वस्तु पर क्युरी परिवार का अधिकार होगा, पर मैडम क्युरी ने राष्ट्रपति की बात नामंजूर कर दी। शर्त में यह लिखवा दिया की रेडियम का इस्तेमाल किसी व्यक्ति विशेष को अमीर बनाने के लिए नही बल्कि लोक कल्याण के लिए किया जायेगा।

रोज कई घंटो शोध करने के कारण वो अत्यधिक रेडीयशन से ग्रस्त हो गयी। जिसके कारण 4 जुलाई 1934 को 66 वर्ष की उम्र में मैडम क्युरी का निधन हो गया। वो फ्रांस के अस्पताल में भर्ती थी। अपने शोध के दौरान अतिरेडियशन से ग्रस्त होने के कारण उनकी मौत हो गयी।

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